आंवला एकादशी पर उमड़ा आस्था का सागर, वैदिक अनुष्ठानों से गूंजा परिसर
प्रधान संपादक रूपचंद मेवाड़ा सुमेरपुर

आंवला एकादशी पर उमड़ा आस्था का सागर, वैदिक अनुष्ठानों से गूंजा परिसर
विजय अक्षरवन कोलीवाडा — आंवला एकादशी के पावन पर्व पर आस्था वैदिक संस्थान के तत्वावधान में भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें क्षेत्रभर से श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। प्रातःकाल से ही परिसर में भक्तों का आगमन प्रारम्भ हो गया और पूरा वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन तथा आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा।
कार्यक्रम के अंतर्गत श्रद्धालुओं ने आंवला वृक्ष का विधिवत पूजन कर भगवान विष्णु की आराधना की तथा परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। विद्वानों ने एकादशी व्रत के धार्मिक, आयुर्वेदिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आंवला एकादशी का व्रत स्वास्थ्य, सकारात्मकता और पुण्यफल प्रदान करने वाला माना जाता है। आयोजन स्थल पर प्रसाद वितरण, सत्संग, सामूहिक प्रार्थना और धर्मचर्चा जैसे कार्यक्रम भी आयोजित हुए, जिनमें महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्री राम गौशाला अध्यक्ष धीरज सांखला , पतंजलि युवा भारत प्रदेश प्रभारी नरेंद्र आस्था , कोलीवाड़ा आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश कुमार तथा समाजसेवी घिसुलाल जी माली विशेष रूप से उपस्थित रहे।
शैक्षणिक क्षेत्र से अरावली कॉलेज ऑफ़ फ़ार्मेसी के सहायक प्राध्यापक क्रुणाल त्रिवेदी तथा अरावली डिग्री कॉलेज के व्याख्याता इंसाफ़ ख़ान उपस्थित रहे। साथ ही आयोजन में सिद्धिक ख़ान , लक्ष्मी चंद , मनोहर सिंह , योग प्रशिक्षक मदन माधव , संगीता राठौड़ , आस्था वैदिक संस्थान निदेशक़ कमलेश आस्था, हीरालाल मेघवाल , पर्यावरण प्रेमी मदन सुथार , गाजन माता मंदिर के पुजारी हिम्मत माली , गोविंद माधव , पुखराज मीणा , पिंकी सांखला , कोमल माली , जीत माली तथा नेनू देवी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
आयोजकों ने बताया कि ऐसे धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं को सुदृढ़ करना है। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का सम्मान किया गया तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

समापन में आयोजन को अत्यंत अनुशासित, भक्तिमय और सफल बताते हुए आयोजकों ने भविष्य में भी इसी प्रकार के आध्यात्मिक कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया।




