निर्जला एकादशी पर विजय अक्षरवन, कोलीवाड़ा में उमड़ी आस्था, श्रद्धालुओं ने कल्पवृक्ष की पूजा-अर्चना कर गाए भजन-कीर्तन
रूपचंद मेवाड़ा प्रधान संपादक

निर्जला एकादशी पर विजय अक्षरवन, कोलीवाड़ा में उमड़ी आस्था, श्रद्धालुओं ने कल्पवृक्ष की पूजा-अर्चना कर गाए भजन-कीर्तन
कोलीवाड़ा (सुमेरपुर, पाली)निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर विजय अक्षरवन, कोलीवाड़ा में सुमेरपुर, शिवगंज एवं आसपास के शहरों तथा ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने पवित्र कल्पवृक्ष के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, निर्जला एकादशी व्रत कथा का श्रवण किया तथा श्रद्धाभाव से भजन-कीर्तन कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
महिलाओं एवं पुरुषों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार कल्पवृक्ष की परिक्रमा कर जल अर्पित किया तथा परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और विश्व कल्याण की कामना की। भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालु भगवान विष्णु के जयघोष करते हुए आध्यात्मिक आनंद में सराबोर दिखाई दिए।
इस अवसर पर आयोजकों ने बताया कि कल्पवृक्ष भारतीय सनातन संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और लोककल्याण का प्रतीक है। निर्जला एकादशी का पर्व लोगों को धर्म, सेवा, जल संरक्षण एवं वृक्षों के महत्व का संदेश देता है।
पूरे दिन विजय अक्षरवन परिसर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा। श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक पूजा-अर्चना, कथा, भजन-कीर्तन एवं धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर निर्जला एकादशी का पावन पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया।



