Welcome to News 24 Marwar   Click to listen highlighted text! Welcome to News 24 Marwar
Uncategorized

सभी साधनाओं का लक्ष्य है सिद्धि पद की प्राप्ति 

प्रधान संपादक रूपचंद मेवाड़ा सुमेरपुर

जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेन सूरीश्वरजी की शुभ- निश्रा में श्री वासुपूज्य स्वामी श्चेताम्बर मूर्तिपूजक जैन- संघ- भैरु चौक- सुमेरपुर के प्रांगण में श्री सौभाग्य सुन्दर परिवार की ओर से चैत्र मास की शाश्वती नवपद ओली निमित्त सोभाग्य  

सुन्दर नवपद महोत्सव के दूसरे दिन प्रातः 9:00 बजे से चंपापुरी नगरी में आयोजित धर्मसभा में प्रवचन देते हुए जैनाचार्य श्री ने कहा एक कि –

व्यापारी चाहे सोने का व्यापार करें या कोयले का, सभी व्यापारों का लक्ष्य एक ही होता है _अर्थार्जन । वैसे ही धर्म की सभी साधना को करते हुए सभी साधकों का एक ही लक्ष्य होता है – सिद्धि पद की प्राप्ति। सिद्धि पद की प्राप्ति यानी सर्व कर्मों से मुक्ति और चार गतियों के संसार में होने वाले जन्म -जरा और मरण का अंत।.

संसार में प्राप्त होने वाले सभी पद -चाहे वह चक्रवर्ती हो, राष्ट्रपति हो अथवा प्रधानमंत्री हो – एक ना एक दिन अवश्य छोड़ देना पड़ता है। संसार मैं कोई पद शाश्वत नहीं है, क्योंकि संसार के सभी पद शरीर से जुड़े है। शरीर की  अशाश्वतता के कारण सभी पदों की भी अशाश्वतता रहती है। परंतु आत्मा शाश्वत है इसलिए आत्मा का सिद्धि पद शाश्वत है।

जगत् वर्ती सभी संसारी जीवों पर मृत्यु का एकछत्री शासन है, परंतु जो पुण्यात्माएं मोक्ष प्राप्त कर चुकी उनपर मृत्यु का कोई शासन नहीं है। संसार की सभी समस्याओं का मुख्य कारण अपना शरीर है ।सभी संसारी जीवों को धन पुत्र ,पत्नी ,परिवार आदि सभी के प्रति मोह है परंतु सबसे ज्यादा मोह अपने शरीर के प्रति है। वास्तव में शरीर अकेला नहीं है । उसके भीतर आत्मा है ‌शरीर की कीमत भी शरीर के भीतर रही आत्मा के कारण है । शरीर में से आत्मा निकल जाने के बाद इस पार्थिव शरीर की कोई कीमत नहीं रहती, उसे श्मशान में ले जाकर जला दिया जाता है। व्यक्ति जीवन भर जिस परिवार के पालन पोषण के पीछे कड़ी महेनत करता है ,मरने के बाद वही परिवार उसके शरीर को जलाकर राख कर देता है। संसार की इस वास्तविकता को जानकर , सभी प्रकार के मोह को छोड़कर आत्मा के शुद्ध – स्वरूप को पाने का प्रयत्न करना चाहिए‌।

 दोपहर 2:30 बजे अठारह पाप स्थानक निवारण संवेदनात्मक कार्यक्रम हुआ। दिं 27 मार्च को प्रातः 9:00 बजे प्रवचन एवं दोपहर 2:30 बजे भावाचार्य वंदना का कार्यक्रम होगा ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!