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मुंडारा की डॉ.गरिमा परमार ने चौथे प्रयास में हासिल की सफलता, यूपीएससी में 326वीं रैंक

रूपचंद मेवाड़ा सुमेरपुर प्रधान संपादक

मुंडारा की डॉ.गरिमा परमार ने चौथे प्रयास में हासिल की सफलता, यूपीएससी में 326वीं रैंक

गिरधारी मेवाड़ा मुंडाराकी रिपोर्ट
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा 2025 का परिणाम जारी होने के साथ ही क्षेत्र के लिए गर्व की खबर सामने आई है। मुंडारा निवासी तथा वर्तमान में पाली में रह रही होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. गरिमा परमार ने अपने चौथे प्रयास में 326वीं रैंक प्राप्त कर सफलता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है तथा बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
डॉ. गरिमा परमार मुंडारा प्रकाश परमार की पुत्री हैं और उनका बचपन ग्रामीण परिवेश में बीता है। उन्होंने पहले होम्योपैथी चिकित्सा का कोर्स पूरा किया और इसके बाद यूपीएससी की तैयारी शुरू की। परिवारजनों ने बताया कि गरिमा परमार ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा। 
इन चुनौतियों के बावजूद डॉ.गरिमा परमार ने लगातार मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ अपनी तैयारी जारी रखी। परिवार के बड़े पिता डॉ.सुशील परमार,जो स्वास्थ्य विभाग जयपुर में निदेशक पद पर कार्यरत हैं,दादा मनरूपराम परमार श्रम विभाग जयपुर से कार्यालय अधीक्षक के पद एवं पिता गुजरात राज्य के सूरत पीएनबी से वरिष्ठ प्रबंधक पद से सेवानिवृत्त है।
उन्हें अपनी प्रेरणा और आदर्श मानते हुए डॉ.गरिमा ने संघर्ष के बीच अपने सपने को साकार किया।
चौथे प्रयास में मिली इस सफलता के साथ डॉ. गरिमा ने न केवल अपने परिवार बल्कि मुंडारा गांव का भी नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोगों ने खुशी व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।डॉ. गरिमा परमार के यूपीएससी में चयन पूर्व मुंडारा निवासी सुनील गर्ग आईपीएस पद को नईदिल्ली में सुशोभित कर रहे है।

गर्व का क्षण, पूरे क्षेत्र के लिए

मुंडारा की होनहार बेटी डॉ. गरिमा परमार सुपुत्री प्रकाश परमार का यूपीएससी में 326वीं रेंक के साथ चयन होना पूरे क्षेत्र, समाज और परिवार के लिए अत्यंत गर्व और खुशी का विषय है। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
डॉ.गरिमा परमार की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे प्रशासनिक सेवा में रहकर देश और समाज की सेवा करते हुए नई ऊंचाइयों को प्राप्त करें।

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