सांडेराव: समाजसेवियों के सहयोग से अज्ञात मृतक का हुआ ससम्मान अंतिम संस्कार*
प्रधान संपादक रूपचंद मेवाड़ा सुमेरपुर

सांडेराव (पाली)। एनएच 62 पर सड़क हादसे का शिकार हुए अज्ञात युवक की पहचान (शिनाख्त) न होने के कारण, शुक्रवार को पुलिस और स्थानीय समाजसेवियों के सहयोग से मृतक का ससम्मान अंतिम संस्कार किया गया। पिछले 4 दिनों से शव को शिनाख्त के लिए सांडेराव सीएचसी की मोर्चरी में रखा गया था, लेकिन किसी भी वारिस के सामने न आने पर यह कदम उठाया गया।
समाजसेवियों ने निभाया मानवीय धर्म:-*
मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखते हुए मारवाड़ गोडवाड़ जन कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष जयदेव सिंह राणावत और समाजसेवी जगदीश कुमावत ने आगे आकर अंतिम संस्कार की रस्मों में सहयोग किया। समाजसेवियों की मौजूदगी में मृतक को मुखाग्नि दी गई और ससम्मान विदाई दी गई।
*पुलिस के अथक प्रयास:-*
सांडेराव पुलिस द्वारा पिछले 3-4 दिनों से मृतक की तस्वीरें सोशल मीडिया और आसपास के जिलों के थानों में भेजी गई थीं। मृतक के पास से पहचान संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिलने और 72 घंटे की कानूनी अवधि बीत जाने के बाद पुलिस ने इसे ‘लावारिस’ घोषित किया था।
भविष्य के लिए सुरक्षित रखे साक्ष्य:
अंतिम संस्कार से पूर्व पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया और भविष्य में किसी भी दावे या पहचान की स्थिति के लिए मृतक के डीएनए (DNA) सैंपल, उंगलियों के निशान और फोटो रिकॉर्ड सुरक्षित रख लिए हैं।
*घटना का विवरण:-*
ज्ञात हो कि 3-4 दिन पूर्व एनएच 62 पर पैदल चल रहे इस 30-35 वर्षीय अज्ञात युवक को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। मृतक ने सफेद-काली धारीदार शर्ट और हल्के काले रंग की जींस पहनी हुई थी।




