सावधान! ₹199 के लकी ड्रा में ‘अल्टो कार’ का झांसा देकर ठगी का नया पैंतरा, ‘गौ माता दान’ के नाम पर मांग रहे हैं 10% एडवांस फीस
प्रधान संपादक रूपचंद मेवाड़ा सुमेरपुर

सांडेराव से महावीर मेवाड़ा की रिपोर्ट
राजस्थान के पाली जिले के सांडेराव और सुमेरपुर क्षेत्र के नाम पर इन दिनों सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर एक बड़ा साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) गैंग सक्रिय है। यह गैंग आम लोगों को “गर्मी का महा धमाका – समर लकी ड्रा” के नाम पर ₹199 का कूपन बेचकर और फिर फर्जी रिजल्ट जारी कर लाखों रुपये की ठगी कर रहा है। हाल ही में मध्य प्रदेश के जबलपुर (सिहोरा) सहित कई राज्यों के भोले-भाले ग्रामीण इस गिरोह के जाल में फंस रहे हैं।
*ऐसे बुना जाता है ठगी का जाल-* यह गिरोह पहले ₹199 की मामूली राशि का “समर लकी ड्रा” कूपन बांटता है, जिस पर नई स्विफ्ट कार, ऑल्टो कार, बुलेट मोटरसाइकिल और आईफोन जैसे महंगे इनामों की तस्वीरें छपी होती हैं। कूपन पर बकायदा फर्जी टोकन नंबर और स्थानीय एजेंटों (जैसे मिश्रीलाल गुर्जर) के नाम लिखे होते हैं ताकि लोगों को इस पर पूरा भरोसा हो जाए।
*धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल: ‘गौ माता दान’ के नाम पर वसूली-* लकी ड्रा की तारीख (21 जून) निकलते ही व्हाट्सएप पर एक लंबी-चौड़ी फर्जी ‘विजेता सूची’ (Result List) घुमाई जाती है। गिरोह का मुख्य पैंतरा यह है कि कूपन खरीदने वाले हर व्यक्ति को उसकी ही टिकट का नंबर विजेता सूची में नंबर-3 पर ‘अल्टो कार’ या किसी बड़े इनाम के आगे लिखा हुआ मिलता है।कार जीतने की खुशी में डूबे पीड़ित को फंसाने के लिए गिरोह द्वारा एक शर्त रखी जाती है। मैसेज में साफ लिखा होता है कि “इनाम घर पहुंचाने से पहले 10% गौ माता का दान आपको एडवांस जमा करना होगा।” लोग धार्मिक आस्था और गौ सेवा के नाम पर बिना सोचे-समझे हजारों रुपये इनके खाते में ट्रांसफर कर देते हैं।
*डिजिटल ट्रांसफर के जरिए खाता खाली करने की कोशिश-* ठगों द्वारा मैसेज में यह भी लालच दिया जाता है कि 1 लाख रुपये से कम के इनाम वालों को सीधे PhonePe, Google Pay या Paytm के जरिए कैश ट्रांसफर किया जाएगा। इसके बहाने वे पीड़ितों से उनके बैंक खाते और यूपीआई (UPI) की गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते हैं और पलक झपकते ही पीड़ितों का पूरा बैंक खाता साफ कर देते हैं।
*साइबर एक्सपर्ट और पुलिस की चेतावनी:-* साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में इस तरह के निजी लकी ड्रा या कूपन स्कीम चलाना पूरी तरह अवैध और प्रतिबंधित है। किसी भी वैध लॉटरी या कांटेस्ट में इनाम देने से पहले “एडवांस फीस”, “टैक्स” या “डिलिवरी चार्ज” के रूप में नकद पैसे नहीं मांगे जाते।
*सावधानी ही बचाव है:-* व्हाट्सएप पर आने वाले किसी भी लकी ड्रा रिजल्ट पर भरोसा न करें।इनाम का दावा करने के लिए किसी भी अनजान खाते में ‘गौ दान’, ‘जीएसटी’ या ‘रजिस्ट्रेशन’ के नाम पर पैसा न भेजें।अपनी बैंक डिटेल, आधार नंबर या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।यदि आपके साथ ऐसी कोई ठगी हुई है, तो तुरंत केंद्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

