सांडेराव-दुजाना बाइपास पर मंडरा रहा है मौत का साया:- अधूरा निर्माण और अंधेरा बन रहे हादसों की वजह
प्रधान संपादक रूपचंद मेवाड़ा सुमेरपुर

*सांडेराव-* स्थानीय नगर के फोरलेन हाइवे पुलिया से निचे उतरने के बाद जालोर,बाड़मेर सहित अन्य स्थानों पर जाने वाली मुख्य हाइवे सड़क मार्ग पर सांडेराव-दुजाना बाइपास का अधूरा निर्माण कार्य अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए काल साबित हो रहा है। निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी के चलते यहाँ आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में गहरा रोष है।
*साइनबोर्ड और लाइट न होने से बढ़ी मुसीबत-* वाहन चालकों का कहना है कि बाइपास पर कहीं भी दिशा-सूचक बोर्ड (Signboards) या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। इससे अनजान और बाहरी चालकों को अचानक आए मोड़ का पता नहीं चलता। स्थिति रात के समय और भी भयावह हो जाती है, क्योंकि स्ट्रीट लाइट के अभाव में यहाँ पसरा घना अंधेरा तेज रफ्तार वाहनों के लिए मौत का जाल बन गया है। अब तक हो चुके हैं तीन बड़े हादसेसुरक्षा उपायों की कमी के कारण इस संवेदनशील मार्ग पर अब तक 3 बड़े हादसे दर्ज किए जा चुके हैं। बावजूद इसके, संबंधित विभाग और प्रशासन कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी जनहानि का इंतजार कर रहा है?
*प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग*
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि:बाइपास के अधूरे निर्माण को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए।खतरनाक मोड़ों पर तुरंत रिफ्लेक्टर और साइनबोर्ड लगाए जाएं।रात्रि सुरक्षा हेतु उचित रोशनी (स्ट्रीट लाइट) की व्यवस्था की जाए।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे।




